Skip to main content

उत्तरप्रदेश की योगी सरकार के राज्य में देखा गया विरोध यूपी सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया।

नागरिकता संशोधन कानून के तहत कई राज्यों में विरोध नजर आया। लेकिन सबसे ज्यादा विरोध उत्तरप्रदेश की योगी सरकार के राज्य में देखा गया। वहां पर प्रदर्शनकारियों ने सबसे ज्यादा उपद्रव मचाया और जमकर सरकारी सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाया। बहरहाल अब यूपी सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है।यूपी के मुख्यमंत्री योगी ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि जो प्रदर्शनकारी सरकारी सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाता हुए कैमरे या सीसीटीव में नजर आएगा तो उसके खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी। जुर्माना वसूली में अगर कमी नजर आती है तो उसकी सम्पत्ति को नीलाम आदि कर वसूली की जाएगी। इसी बीच अब योगी ने कार्यवाही शुरू कर दी है और ऐसे लोगो का चिन्हित कर जुर्माना लगाने की तैयारी में लग गई है। ऐसे लोगों के पास अब प्रशासन नोटिस भेजते हुए नजर आ रहा है।उमेशराज शेखावत का मानना है कि योगी सरकार ने जो फेसला लिया है बिलकुल सही लिया है क्योंकि किसी भी व्यक्ति को सरकारी सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने का कोई अधिकार नहीं है।इस के साथ उमेशराज शेखावत सीएम योगी से निर्दोष लोगों को छोड़ने की अपील भी करते हैं।

Comments

Popular posts from this blog

दिल्ली की सर्द रात में महिलाओं का मोर्चा |

CAA प्रदर्शन: दिल्ली की सर्द रात में महिलाओं का मोर्चा ऐसे समय में जब दिल्ली हाल के वर्षों के ठंड के नए रिकार्ड क़ायम कर रही है, सैकड़ों महिलाएं ओखला क्षेत्र की शाहीन बाग़ कॉलोनी में खुले में बैठकर धरना दे रही हैं.नए नागरिकता क़ानून और एनआरसी के ख़िलाफ़ देश के अन्य हिस्सों में चल रहे उग्र प्रदर्शनों से एकदम अलग, यहाँ मौजूद महिलाएं देश और भारतीय संविधान की प्रशंसा में नारे लगा रही हैं.इसी बीच मंच पर कोई बांसुरी से वही पुराना और लोकप्रिय देशभक्ति गीत 'सारे जहां से अच्छा' बजाने लगता है और दर्शकों में बैठे नौजवान और वृद्ध महिलाएं इस धुन पर झूमने लगती हैं.फिर सभी राष्ट्रगान गाने के लिए उठते हैं. बाद में उसी जगह बैठ जाते हैं.यह विरोध प्रदर्शन बीते 10 दिनों से कुछ इसी तरह लगातार चल रहा है.विरोध प्रदर्शन के आयोजकों में कुछ पुरुषों को छोड़कर, अधिकतर प्रदर्शनकारी महिलाएं हैं जो नए नागरिकता क़ानून को वापस लेने की माँग कर रही हैं.साथ ही इनकी माँग है कि एनआरसी को देश में कभी लागू ना किया जाए.प्रदर्शन में आईं महिलाओं में कई गृहणियाँ हैं जो अपने घरों से बहुत कम ही बाहर निकलती हैं, देर रात मे…

आपको एसिड अटैक सर्वाइवर लक्ष्मी अग्रवाल तो याद ही होगी?

आपको एसिड अटैक सर्वाइवर लक्ष्मी अग्रवाल तो याद ही होगी? यह वही लक्ष्मी है जिन्हें पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की पत्नी मिशेल ओबामा से साल 2014 में International Women of Courage Award मिला था. इसके साथ ही लक्ष्मी ने साल 2016 में लंदन फैशन वीक में हिस्सा लिया, कई टीवी और वेब शोज़ भी किए. इसी वजह इन्हें इंडिया की एकलौती पॉपुलर एसिड सर्वाइवर कहना गलत नहीं होगा. लेकिन अब यही लक्ष्मी अग्रवाल दर-दर की ठोकरे खाने को मजबूर हैं. उनके पास ना तो जॉब है और ना ही अपनी बेटी को पालने के लिए पैसे. दिल्ली के लक्ष्मी नगर में किराए पर दो बेडरूम घर है, जिसका किराया भी अब उनके बूते से बाहर हो गया है. जी हां. यह लक्ष्मी अग्रवाल ही हैं जो कुछ दिनों पहले तक टीवी पर छाईं रहती थीं. लेकिन अब हालत यह है कि अब वो नौकरी की तलाश में घूम रही हैं. जिसके साथ वो लिव-इन में रहीं अब उन्होंने भी लक्ष्मी और उनकी बेटी का खर्च उठाने पर हाथ खड़े कर दिए हैं. लक्ष्मी के पार्टनर आलोक दीक्षित का कहना है कि वो अब लक्ष्मी और बेटी पीहू को पैसों की कोई भी मदद नही कर सकते. साल 2005 में एक पीछा कर रहे आदमी ने लक्ष्मी पर एसिड से…

नागरिकता संशोधन क़ानून और एनआरसी विरोध (बिहार)

नागरिकता संशोधन क़ानून और एनआरसी के विरोध में 21 दिसंबर को जिस दिन राष्ट्रीय जनता दल ने बिहार बंद करवाया था , उस दिन पटना के फुलवारीशरीफ़ में हिंसा हुई थी. दो गुटों के बीच जमकर पत्थरबाज़ी हुई. फ़ायरिंग की रिपोर्टें भी आयीं. क़रीब एक दर्जन लोग घायल हुए जिन्हें इलाज के लिए एम्स और पीएमसीएच में ले जाया गया था. आमिर रोज़ की तरह सुबह घर से तैयार होकर काम करने के लिए फ़ैक्ट्री गया था लेकिन उस दिन बिहार बंद की घोषणा थी और हर तरफ़ जुलूस निकाले जा रहे थे. फ़ैक्ट्री बंद थी. वह वापस लौट आया और उसी जुलूस में शामिल हो गया जिसमें मोहल्ले के लोग शामिल थे.""जुलूस के दौरान कि जो कुछ तस्वीरें और वीडियो मिलें हैं उसमें वह हाथ में तिरंगा थामे दिखता है. वो ही उसकी आख़िरी तस्वीर थी. उसके बाद मिली तो उसकी सड़ी हुई लाश, वो भी 11 दिनों के बाद."साहिल के घर में मातम पसरा है. उनका कमाने वाला भाई हिंसा की भेंट चढ़ गया. उस हिंसा की जिससे उसका दूर-दूर तक का वास्ता नहीं था.आमिर हंज़ला उसी हिंसा के बाद से लापता थे. परिजनों ने 22 दिसंबर को फुलवारीशरीफ़ थाने में आमिर की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करायी थी…