नागरिकता संशोधन कानून के तहत कई राज्यों में विरोध नजर आया। लेकिन सबसे ज्यादा विरोध उत्तरप्रदेश की योगी सरकार के राज्य में देखा गया। वहां पर प्रदर्शनकारियों ने सबसे ज्यादा उपद्रव मचाया और जमकर सरकारी सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाया। बहरहाल अब यूपी सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है।यूपी के मुख्यमंत्री योगी ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि जो प्रदर्शनकारी सरकारी सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाता हुए कैमरे या सीसीटीव में नजर आएगा तो उसके खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी। जुर्माना वसूली में अगर कमी नजर आती है तो उसकी सम्पत्ति को नीलाम आदि कर वसूली की जाएगी। इसी बीच अब योगी ने कार्यवाही शुरू कर दी है और ऐसे लोगो का चिन्हित कर जुर्माना लगाने की तैयारी में लग गई है। ऐसे लोगों के पास अब प्रशासन नोटिस भेजते हुए नजर आ रहा है।उमेशराज शेखावत का मानना है कि योगी सरकार ने जो फेसला लिया है बिलकुल सही लिया है क्योंकि किसी भी व्यक्ति को सरकारी सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने का कोई अधिकार नहीं है।इस के साथ उमेशराज शेखावत सीएम योगी से निर्दोष लोगों को छोड़ने की अपील भी करते हैं।
अनुच्छेद 370 जम्मू-कश्मीर का जिक्र आते ही धारा 370 और 35ए की बात आ जाती थी. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू-कश्मीर को विशेष स्वायत्तता मिली थी। वहीं, 35A जम्मू-कश्मीर राज्य विधानमंडल को 'स्थायी निवासी' परिभाषित करने और उन नागरिकों को विशेषाधिकार प्रदान करने का अधिकार देता था। यह भारतीय संविधान में जम्मू-कश्मीर सरकार की सहमति से राष्ट्रपति के आदेश पर जोड़ा गया. राष्ट्रपति ने 14 मई 1954 को इस आदेश को जारी किया था. यह अनुच्छेद 370 का हिस्सा था. अनुच्छेद 370 खत्म होने के बाद तमाम राजनीतिक दलों की अलग-अलग तरह की प्रतिक्रिया देखने को मिली | श्री उमेशराज शेखावत का मानना है की जो फैसला मोदी सरकार ने लिया है वो सभी की भलाई के लिए ही लिया होगा क्योकि इस फैसले से सभी राज्य एक सामान हो गए है और हमारा सविधान भी यही कहता है राम मंदिर अयोध्या में नई सुबह हुई है। 134 साल पुराने अयोध्या मंदिर-मस्जिद विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया था। मुख्य न्यायाधीश रंजनगोगोई की अगुआई वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने सर्वसम्मति से यह फैसला स...

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